एक  झटके में 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए गए है। मोदी जी ने राष्ट्र के नाम सन्देश में ये घोषणा की और कुछ ही देर में पूरा देश बदल चुका था। 

एक तरफ खुश की शायद अब आखिरकार काले धन पर एक बड़ा प्रहार हुआ है और दूसरी तरफ चिंतित कि उनकी नकद बचत का क्या होगा, छोटे व्यापारियों का क्या होगा, दिहाड़ी मजदूर और नई फसल की तैयारी कर रहे किसानों के लिए क्या रास्ता है। 

अगले दिन से दो तरह का हिंदुस्तान दिखाई दे रहा हैं – एक तरफ आम लोग जो दूध सब्जी के लिए नकद पैसो की कमी से परेशान पर इस उम्मीद में हर कष्ट भी सहने को तैयार कि शायद अब काला धन खत्म हो जायेगा, धन कुबेरों का खौफ – पैसे की ताकत से चलने वाली गुंडागर्दी और अपराध से मुक्ति मिल जायेगी। आतंकवाद की कमर टूट जायेगी। 

दूसरी तरफ वो लोग जिन्होंने बरसो से काला धन इकट्ठा कर रखा था और ऐसे लोग एकदम से गायब है, अदृश्य है, पर्दों के पीछे कुछ कुछ करने में व्यस्त है। ये 1000-500 के नोटों को बेचें जाने की खबरें, नोटों को ठिकाने लगाने के लिए प्रपंच रचने की कहानियां, तरह तरह के किस्से चारों तरफ बिखरे पड़े है। 

मैने कई ऑटो वालों, नाई, सड़क में चलते लोगो, ड्राइवरों व कुछ छोटे व्यापारियों से बात की। लोग अपनी अपनी तकलीफ भी बता रहे है पर बड़े मजे ले लेकर किस्से भी सुना रहे हैं। फलाने पेट्रोल पम्प के मालिक की बीबी रो रही हैं क़ि इन नोटों का क्या होगा, फलाने इंस्टिट्यूट का मालिक अपने कर्मचारियों को ही दो दो लाख रूपये दे रहा है कि अपने अपने खातों में डाल लो। जितने मुंह उतनी बातें। 

सौ बातों की एक बात – आम आदमी , गरीब और मिडल क्लास परेशान है पर  एक उम्मीद है,एक ख्वाब है कि इन बड़े बड़े काले पैसों वालों की हालत अब ख़राब होगी। लोग कष्ट सहने को तैयार है बस परिणाम निकलना चाहिए।

अब कैसे होगा साबित कि सच में काला धन खत्म हुआ? कैसे साबित होगा कि आम लोग जिस उम्मीद में सारे कष्टों और मुसीबतों को हँसते हँसते झेल रहे है वो सही साबित हुई। 

अगर आने वाले कुछ दिनों में  ये सात बदलाव नजर आते है तो इसका मतलब होगा कि आम हिंदुस्तानियों का सपना सच होने लगा – 

1. अगर UP और पंजाब के चुनावों में पैसे की ताकत नहीं दिखायी देती, अंधाधुंध खर्चीला प्रचार, हेलिकॉप्टर्स, पैसे और शराब बाँटने का धंधा ख़तम हो जाता है तो लगेगा कि हाँ काले धन पर लगाम लगी है। 

2. काले धन का सबसे भौंडा प्रदर्शन बड़ी बड़ी शादियों में होता है। अगर करोड़ो अरबो के नकद पैसो से होने वाली बड़ी बड़ी शादियां बंद होती है तो माना जायेगा काला धन ख़तम हुआ। 

3. जमीन व मकानों के दामो में गिरावट भी होनी चाहिए अगर काले धन पर टिकी parallel economy खत्म होती है। 

4. Crime rate में  गिरावट – सुपारी अपराध से लेकर और चैन स्नेचिंग तक जैसे अपराधो में गिरावट आनी ही चाहिए। 

5. आतंकवादी गतिविधियों, हवाला इत्यादि में भारी कमी स्पष्ट नजर आनी चाहिए। 

6. लक्ज़री आइटम्स की बिक्री में गिरावट

7. खर्च करने की क्षमता में कमी होने के साथ डिमांड में गिरावट से महंगाई व बढ़ते दामों में भारी कमी

अगर आने वाले दिनों में ये सात बदलाव नजर आते है तो काला धन खत्म हुआ वरना जनता के साथ तमाशा । 

तब तक  दूध वाले, सब्जी वाले से “आज उधार कल नकद” करते रहिए।